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  • युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, अब बिहार में स्टार्टअप शुरू करने पर मिलेंगे 25 लाख रुपए|

    बिहार (Bihar) के युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने स्टार्टअप (Startup) को आगे बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब बिहार में नया स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को पहले मिलने वाले 10 लाख रुपए(10 Lakh) की जगह सीधे 25 लाख रुपए(25 Lakh) तक की सीड फंडिंग (Seed Funding) दी जाएगी। इससे नए आइडिया पर काम कर रहे युवाओं को शुरुआती दौर में मजबूत सहारा मिलेगा।

    यह घोषणा राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 (National Startup Day 2026) के अवसर पर पटना स्थित चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में आयोजित अविन्या बिहार 2.0 कार्यक्रम में की गई। इस कार्यक्रम में उद्योग मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

    नए दौर की ओर बढ़ता बिहार:

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री ने कहा, बिहार नवाचार और उद्यमिता के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार अवसंरचना, मेंटरशिप और वित्तीय सहायता सहित हर संभव सहयोग देने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, ताकि हमारे उद्यमी अपने विचारों को प्रभावशाली और सतत उपक्रमों में परिवर्तित कर सकें। हम सभी मिलकर बिहार को भारत की स्टार्टअप क्रांति की अग्रणी शक्ति बनाएंगे।”

    उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ स्टार्टअप शुरू करवाना नहीं, बल्कि उन्हें लंबे समय तक सफल बनाना है। इसी सोच के तहत सीड फंड की राशि बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

    पलायन से स्टार्टअप तक बदलती पहचान:

    लंबे समय तक बिहार की पहचान पलायन से जुड़ी रही, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। राज्य में उद्यमिता और इनोवेशन (Entrepreneurship and Innovation) की सोच तेजी से मजबूत हो रही है। जिन युवाओं के पास बेहतर बिजनेस आइडिया (Business Ideas) थे, लेकिन पैसे और संसाधनों की कमी आड़े आ जाती थी, उनके लिए यह फैसला काफी मददगार साबित होगा।

    सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि स्टार्टअप्स (Startup) को केवल आर्थिक सहायता (Financial Assistance) ही नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें सही मार्गदर्शन, मेंटरशिप और जरूरी सुविधाएं भी दी जाएंगी।

    स्टार्टअप और उद्योगों में तेज बढ़त:

    बिहार में स्टार्टअप सेक्टर (Startup Sector) लगातार आगे बढ़ रहा है। अब तक राज्य में 1500 से ज्यादा स्टार्टअप रजिस्टर्ड हो चुके हैं। वहीं पिछले 20 वर्षों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की संख्या में करीब 50 गुना इजाफा हुआ है।

    इसके अलावा साल 2005 में जहां बिहार में करीब 72 हजार उद्योग थे, वहीं अब यह आंकड़ा 35 लाख के पार पहुंच चुका है। यह बदलाव राज्य के मजबूत होते औद्योगिक माहौल को साफ तौर पर दिखाता है।

    नई पहलें और नए मौके:

    अविन्या बिहार 2.0 कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप बिहार (Startup Bihar) की नई वेबसाइट लॉन्च की गई। इसके साथ ही एसयू एंड आई मैगजीन और टीआईई पटना के साथ अहम समझौते भी किए गए। इन पहलों का मकसद बिहार के स्टार्टअप्स को देश और दुनिया में पहचान दिलाना और निवेश के नए रास्ते खोलना है। इसके साथ ही सरकार का विजन है कि 2030 तक आने वाले वर्षों में बिहार (Bihar) को देश के प्रमुख स्टार्टअप हब्स (Startup Hub) में शामिल किया जाए।

    इनक्यूबेशन में आगे निकले शैक्षणिक संस्थान:

    कार्यक्रम में राज्य के बेहतरीन इनक्यूबेशन सेंटर्स और स्टार्टअप सेल्स को सम्मानित भी किया गया है। बेस्ट इनक्यूबेशन सेंटर (Best Incubation Centre) के तौर पर आईआईटी पटना (IIT Patna) को पहला स्थान (1st place) मिला। दूसरे स्थान (2nd place) पर सीआईएमपी पटना (CIMP Patna) और तीसरे स्थान (3rd place) पर बीएयू सबौर (BAU Sabor) रहा।

    वहीं स्टार्टअप सेल्स की श्रेणी में वैशाली इंजीनियरिंग कॉलेज को पहला स्थान मिला। इन सम्मानों का उद्देश्य छात्रों में उद्यमिता की सोच को मजबूत करना है, ताकि वे पढ़ाई के साथ साथ खुद का काम शुरू करने के लिए प्रेरित हों और भविष्य में नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन सकें। इसी सोच के तहत उद्योग विभाग, बिहार सरकार (Bihar Government) राज्य में नवाचार (Innovation), उद्यमिता (Entrepreneurship) और रोजगार (Employment) के नए अवसर पैदा करने के लिए लगातार काम भी कर रहे है।

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